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Motivational Poems In Hindi - Motivational Hindi Poems | मेरा नाम लिया जाएगा - Mera Naam Liya Jayega

Motivational Poems In Hindi | Motivational Hindi Poems

मेरा नाम लिया जाएगा | Mera Naam Liya Jayega

आँसू जब सम्मानित होंगे मुझको याद किया जाएगा

जहाँ प्रेम का चर्चा होगा मेरा नाम लिया जाएगा।

Motivational Poems In Hindi  Motivational Hindi Poems  मेरा नाम लिया जाएगा - Mera Naam Liya Jayega

मान-पत्र मैं नहीं लिख सका

राजभवन के सम्मानों का

मैं तो आशिक रहा जनम से

सुंदरता के दीवानों का

लेकिन था मालूम नहीं ये

केवल इस गलती के कारण

सारी उम्र भटकने वाला, मुझको शाप दिया जाएगा।

Motivational Poems In Hindi | Motivational Hindi Poems

खिलने को तैयार नहीं थीं

तुलसी भी जिनके आँगन में

मैंने भर-भर दिए सितारें

उनके मटमैले दामन में

पीड़ा के संग रास रचाया

आँख भरी तो झूमके गाया

जैसे मैं जी लिया किसी से क्या इस तरह जिया जाएगा

Motivational Poems In Hindi  Motivational Hindi Poems  मेरा नाम लिया जाएगा - Mera Naam Liya Jayega

काजल और कटाक्षों पर तो

रीझ रही थी दुनिया सारी

मैंने किंतु बरसने वाली

आँखों की आरती उतारी

रंग उड़ गए सब सतरंगी

तार-तार हर साँस हो गई

फटा हुआ यह कुर्ता अब तो ज्यादा नहीं सिया जाएगा

Motivational Poems In Hindi | Motivational Hindi Poems

जब भी कोई सपना टूटा

मेरी आँख वहाँ बरसी है

तड़पा हूँ मैं जब भी कोई

मछली पानी को तरसी है,

गीत दर्द का पहला बेटा

दुख है उसका खेल खिलौना

कविता तब मीरा होगी जब हँसकर जहर पिया जाएगा।

-

गोपालदास नीरज

Motivational Poems In Hindi  Motivational Hindi Poems  मेरा नाम लिया जाएगा - Mera Naam Liya Jayega


Motivational Poems In Hindi | Motivational Hindi Poems

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महाभारत पर रोंगटे खड़े कर देने वाली हिंदी कविता - Mahabharata Poem On Arjuna

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सादगी तो हमारी जरा देखिये | Saadgi To Hamari Zara Dekhiye Lyrics | Nusrat Fateh Ali Khan Sahab

Saadgi To Hamari Zara Dekhiye Lyrics सादगी तो हमारी जरा देखिये   सादगी तो हमारी जरा देखिये,  एतबार आपके वादे पे कर लिया | मस्ती में इक हसीं को ख़ुदा कह गए हैं हम,  जो कुछ भी कह गए वज़ा कह गए हैं हम  || बारस्तगी तो देखो हमारे खुलूश कि,  किस सादगी से तुमको ख़ुदा कह गए हैं हम ||   किस शौक किस तमन्ना किस दर्ज़ा सादगी से,  हम करते हैं आपकी शिकायत आपही से || तेरे अताब के रूदाद हो गए हैं हम,  बड़े खलूस से बर्बाद हो गए हैं हम ||

अरे! रणभूमि में छल करते हो, तुम कैसे भगवान हुए ! | Karna Par Hindi Kavita | Ranbhoomi Me Chhal Karte

अरे! रणभूमि में छल करते हो, तुम कैसे भगवान हुए ! || Karna Par Hindi Kavita || || Poem On Karna || अरे! रणभूमि में छल करते हो, तुम कैसे भगवान हुए ! | Karna Par Hindi Kavita | Ranbhoomi Me Chhal Karte सारा जीवन श्रापित-श्रापित , हर रिश्ता बेनाम कहो, मुझको ही छलने के खातिर मुरली वाले श्याम कहो, तो किसे लिखूं मैं प्रेम की पाती, किसे लिखूं मैं प्रेम की पाती, कैसे-कैसे इंसान हुए, अरे! रणभूमि में छल करते हो, तुम कैसे भगवान हुए ! अरे! रणभूमि में छल करते हो, तुम कैसे भगवान हुए ! | Karna Par Hindi Kavita | Ranbhoomi Me Chhal Karte || माँ को कर्ण लिखता है || अरे! रणभूमि में छल करते हो, तुम कैसे भगवान हुए ! | Karna Par Hindi Kavita | Ranbhoomi Me Chhal Karte कि मन कहता है, मन करता है, कुछ तो माँ के नाम लिखूं , एक मेरी जननी को लिख दूँ, एक धरती के नाम लिखूं , प्रश्न बड़ा है मौन खड़ा - धरती संताप नहीं देती, और धरती मेरी माँ होती तो , मुझको श्राप नहीं देती | तो जननी माँ को वचन दिया है, जननी माँ को वचन दिया है, पांडव का काल नहीं हूँ मैं, अरे! जो बेटा गंगा में छोड़े, उस कुंती का लाल नहीं हूँ