'जलते घर को देखने वालो, फूस का छप्पर आपका है' Nawaz Deobandi Shayari Meaning क्या दूसरों का घर जलते देख आपको अपने महफूज़ होने का गुरूर है? उर्दू शायरी के इतिहास में बहुत कम अशआर ऐसे हैं, जिन्होंने संसद से लेकर विरोध प्रदर्शनों और सोशल मीडिया तक पर इतनी गहरी छाप छोड़ी हो। मशहूर शायर डॉ. नवाज़ देवबंदी (Nawaz Deobandi) का यह अमर शेर— "जलते घर को देखने वालो, फूस का छप्पर आपका है..." एक कविता नहीं, बल्कि सोती हुई इंसानियत को झकझोरने वाला एक अलार्म है। यह शायरी हमें 'बाइस्टैंडर इफ़ेक्ट' (Bystander Effect) की याद दिलाती है—जहाँ लोग अन्याय देखते हैं, पर अपनी बारी आने तक चुप रहते हैं। 1. मूल शायरी: देवनागरी और हिंगलिश (Hindi & Hinglish Lyrics) नवाज़ देवबंदी साहब की क़लम सीधे रूह में उतरती है, ठीक वैसे ही जैसे उनकी एक और बेहद मशहूर ग़ज़ल "वो रुला कर हंस न पाया देर तक" में दर्द बयां हुआ है। इस शेर को पढ़ें और महसूस करें: जलते घर को देखने वालो, फूस का छ...
Last Updated: November 2025 Table of Contents: 1. Introduction 2. Full Lyrics (Krishna-Arjun Samvad) 3. Watch Video Performance 4. Literary Analysis (Sahitya Vishleshan) महाभारत पर रोंगटे खड़े कर देने वाली कविता Mahabharata Poem On Arjuna by Amit Sharma Visual representation of the epic dialogue between Krishna and Arjuna. This is one of the most requested Inspirational Hindi Poems based on the epic conversation between Lord Krishna and Arjuna. Explore our Best Hindi Poetry Collection for more Veer Ras Kavitayein. तलवार, धनुष और पैदल सैनिक कुरुक्षेत्र में खड़े हुए, रक्त पिपासु महारथी इक दूजे सम्मुख अड़े हुए | कई लाख सेना के सम्मुख पांडव पाँच बिचारे थे, एक तरफ थे योद्धा सब, एक तरफ समय के मारे थे | महा-समर की प्रतिक्षा में सारे ताक रहे थे जी, और पार्थ के रथ को केशव स्वयं हाँक रहे थे जी || रणभूमि के सभी नजारे देखन में कुछ खास लगे, माधव ने अर्जुन को देखा, अर्जुन उन्हें उदास लगे | ...