क्या आपके जिले में पहले चरण में वोट पड़ेंगे या आखिरी चरण में? देश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक दंगल का बिगुल बज चुका है! भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने बहुप्रतीक्षित विधानसभा चुनाव की आधिकारिक तारीखों का ऐलान कर दिया है।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन से मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कर दिया है कि सत्ता की इस लड़ाई में जनता कब अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी। घोषणा होते ही पूरे राज्य में आचार संहिता लागू हो चुकी है।
तारीखों का पूरा गणित: कब, कहां और कैसे होगी वोटिंग?
प्रशासनिक सुरक्षा और संवेदनशील बूथों के समीकरण को देखते हुए चुनाव को तीन चरणों में बांटा गया है। अपनी डायरी में यह महत्वपूर्ण तारीखें तुरंत नोट कर लें:
- पहला चरण (First Phase): नोटिफिकेशन 12 अक्टूबर, नामांकन 19 अक्टूबर तक, और मतदान 6 नवंबर को होगा।
- दूसरा चरण (Second Phase): नोटिफिकेशन 16 अक्टूबर, नामांकन 23 अक्टूबर तक, और मतदान 11 नवंबर को कराया जाएगा।
- तीसरा चरण (Third Phase): नोटिफिकेशन 21 अक्टूबर, नामांकन 28 अक्टूबर तक, और मतदान 17 नवंबर को संपन्न होगा।
- फैसले का दिन (Counting Day): 22 नवंबर की सुबह 8:00 बजे से मतगणना शुरू होगी और शाम तक स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य का नया ताज किसके सिर सजेगा।
⚠️ आचार संहिता (Model Code of Conduct) लगते ही इन 4 चीजों पर लगी रोक:
- नई सरकारी घोषणाएं बंद: सरकार किसी भी नए प्रोजेक्ट, वित्तीय भत्ते या लुभावनी योजनाओं का शिलान्यास नहीं कर सकती।
- सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग बंद: मुख्यमंत्री या मंत्रियों के काफिले में अब सरकारी गाड़ियां और प्रोटोकॉल चुनावी काम में इस्तेमाल नहीं होंगे।
- ट्रांसफर-पोस्टिंग पर रोक: किसी भी जिले के डीएम, एसपी या प्रशासनिक अधिकारी का तबादला बिना आयोग की मंजूरी के संभव नहीं।
- होर्डिंग्स-बैनर्स हटाए जा रहे: सरकारी खर्च पर लगे सभी राजनीतिक विज्ञापनों को 24 से 48 घंटे के भीतर हटाने का कड़ा आदेश।
7.42 करोड़ मतदाता तय करेंगे भविष्य: इस बार EVM में क्या है खास?
इस बार चुनाव में 7.42 करोड़ से अधिक वोटर्स अपने अधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसमें सबसे निर्णायक भूमिका निभाएंगे 14 लाख से ज्यादा नए युवा वोटर्स, जो पहली बार पोलिंग बूथ पर दस्तक देंगे।
सुरक्षा के कड़े चक्रव्यूह में होगा मतदान
किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या बूथ कैप्चरिंग की आशंका को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF, BSF) की सैकड़ों कंपनियां तैनात की जा रही हैं। अवैध शराब और कैश के प्रवाह को रोकने के लिए अंतर-राज्यीय सीमाओं पर 24×7 फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें एक्टिव हैं।
अब आगे क्या होगा? आने वाले 48 घंटों में प्रमुख राजनीतिक दल अपने गठबंधन और उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे। क्या सत्ता विरोधी लहर असर दिखाएगी या मौजूदा सरकार वापसी करेगी? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं!