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अग्निपथ कविता – हरिवंश राय बच्चन | Agneepath Poem in Hindi

अग्निपथ – हरिवंश राय बच्चन

डॉ. हरिवंश राय बच्चन द्वारा रचित 'अग्निपथ' जीवन के संघर्ष और अदम्य संकल्प की एक अत्यंत प्रेरणादायक कविता है। नीचे इस महान रचना के पूरे बोल (Lyrics) और इसका सटीक भावार्थ पढ़ें।

Agneepath Poem Lyrics in Hindi

वृक्ष हों भले खड़े,
हों घने, हों बड़े,
एक पत्र छाँह भी माँग मत, माँग मत, माँग मत,
अग्निपथ! अग्निपथ! अग्निपथ!

तू न थकेगा कभी,
तू न थमेगा कभी,
तू न मुड़ेगा कभी,
कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ,
अग्निपथ! अग्निपथ! अग्निपथ!

यह महान दृश्य है,
चल रहा मनुष्य है,
अश्रु-स्वेद-रक्त से लथपथ, लथपथ, लथपथ,
अग्निपथ! अग्निपथ! अग्निपथ!

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अग्निपथ: हरिवंश राय बच्चन द्वारा रचित संघर्ष का गीत

अग्निपथ कविता का भावार्थ (Meaning)

बच्चन जी ने इस कविता में जीवन को 'अग्निपथ' (आग से भरे रास्ते) के समान माना है। जीवन संघर्षों से भरा है, और सफलता पाने के लिए मनुष्य को निरंतर कर्मठ रहना होगा।

1. सुविधाओं का त्याग

कवि कहते हैं कि सफलता के मार्ग में तुम्हें कई ऐसे 'वृक्ष' मिलेंगे जो बड़े और घने होंगे। यहाँ वृक्ष का अर्थ है समाज का रसूख, सुख-सुविधाएं या दूसरों का सहारा। कवि प्रेरणा देते हैं कि रास्ते में चाहे कितना भी आराम क्यों न मिले, तुम्हें एक पत्ते जितनी भी छाया की मांग नहीं करनी है।

2. अटूट संकल्प

इस पद्यांश में कवि योद्धा-चेतना को जगाते हुए कहते हैं कि तुम्हें स्वयं से यह शपथ लेनी होगी कि चाहे कितनी भी बड़ी मुसीबत आ जाए, तुम न कभी थकोगे, न कभी रुकोगे और न ही पीछे मुड़कर देखोगे।

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वृक्ष: सुख-सुविधाओं और सहारे का प्रतीक

3. संघर्ष की गरिमा

दुनिया का सबसे महान दृश्य वह है जहाँ एक मनुष्य अपने लक्ष्य को पाने के लिए आंसुओं (अश्रु), पसीने (स्वेद) और खून (रक्त) से लथपथ होकर भी निरंतर आगे बढ़ रहा है।

Agneepath Hinglish Lyrics (First Stanza)

Vriksh hon bhale khade, Hon ghane, hon bade, Ek patra chhaanv bhi maang mat... Agneepath! Tu na thakega kabhi, Tu na thamega kabhi, Tu na mudega kabhi... Kar shapath!

अग्निपथ कविता - FAQs

Q: अग्निपथ किसकी रचना है?

उत्तर: अग्निपथ कविता हिंदी साहित्य के महान कवि डॉ. हरिवंश राय बच्चन जी की प्रसिद्ध रचना है।

Q: अग्निपथ कविता का मुख्य संदेश क्या है?

उत्तर: यह कविता मनुष्य को जीवन के कठिन संघर्षों में बिना थके, बिना रुके और आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

अग्निपथ (Agneepath) - Recitation

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