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आधुनिक युग में बौद्ध धर्म और ब्राह्मणवाद: पुनर्विचार और पुनर्निर्माण | Yogendra Tripathi

Publish Your Content on Sahityashala - Guest Post

Publish Your Content on Sahityashala – A Prestigious Platform for Hindi Literature

साहित्यशाला पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करें – हिंदी साहित्य के लिए एक प्रतिष्ठित मंच

साहित्यशाला सिर्फ़ एक ब्लॉग नहीं, बल्कि साहित्यकारों का एक परिवार है, जहाँ हिंदी साहित्य को समर्पित रचनाएँ अपनी पहचान पाती हैं। जब शब्दों में भावनाएँ संवरती हैं और विचारों को दिशा मिलती है, तब साहित्य जन्म लेता है। यदि आपके पास शब्दों की सामर्थ्य है और आप अपनी रचनाओं को एक व्यापक मंच पर प्रस्तुत करना चाहते हैं, तो साहित्यशाला आपको आमंत्रित करता है। यहाँ हर पंक्ति को वह सम्मान मिलता है, जिसका वह पात्र है।

साहित्यशाला पर प्रकाशित होना न केवल आपकी रच

ना को मान्यता दिलाएगा, बल्कि आपको साहित्यिक जगत में एक सशक्त स्थान भी प्रदान करेगा। यहाँ आपकी रचनाएँ हज़ारों साहित्य प्रेमियों तक पहुँचेंगी, जो आपके शब्दों को सराहेंगे और उनसे प्रेरित होंगे।

हम विविध साहित्यिक विधाओं का स्वागत करते हैं। चाहे आपकी अभिव्यक्ति कविताओं के माध्यम से हो, कहानियों में हो, या फिर विचारशील लेख और निबंधों में — साहित्यशाला पर हर विधा का अपना स्थान है। शायरी, उद्धरण और व्यक्तिगत अनुभव भी हमारे मंच पर विशेष रूप से सराहे जाते हैं। आपकी रचनाओं को एक सम्मानित स्थान देने के साथ-साथ, हम आपको एक लेखक प्रोफ़ाइल भी प्रदान करेंगे, जो आपकी साहित्यिक पहचान को और सशक्त बनाएगी।

हम आपसे केवल एक विनम्र अनुरोध करते हैं — आपकी रचना के प्रकाशन के बदले में, साहित्यशाला को एक डू-फॉलो बैकलिंक प्रदान करें। यह साहित्यशाला और आपकी वेबसाइट दोनों के लिए फायदेमंद होगा, जिससे हमारी साझा ऑनलाइन उपस्थिति और भी मजबूत होगी। यदि किसी कारणवश बैकलिंक संभव न हो, तो हम एक सामान्य शुल्क पर प्रकाशन की सुविधा भी प्रदान करते हैं।

यदि आप साहित्यशाला के माध्यम से अपनी रचनाओं को प्रकाशित करना चाहते हैं, तो अपनी रचना को kavitasadan@gmail.com पर भेजें। कृपया विषय पंक्ति में "साहित्यशाला में रचना प्रकाशन हेतु" लिखें और अपने नाम, संक्षिप्त परिचय, और संपर्क विवरण को शामिल करें।

अब समय आ गया है कि आपके शब्दों को वह पहचान मिले, जिसके वे हकदार हैं। साहित्यशाला में अपनी रचना प्रकाशित कर, हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाएँ और साहित्य प्रेमियों के हृदय तक अपनी भावनाओं को पहुँचाएँ।

“हर शब्द की अपनी एक कहानी होती है, और साहित्यशाला उसे पाठकों के दिल तक पहुँचाने का मंच है।”

Publish Your Content on Sahityashala – A Prestigious Platform for Hindi Literature  साहित्यशाला पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करें – हिंदी साहित्य के लिए एक प्रतिष्ठित मंच

Publish Your Creations on Sahityashala — A Prestigious Opportunity

Sahityashala is not just a blog; it is a family of writers and literature enthusiasts, where Hindi literature finds its true recognition. When emotions are woven into words and thoughts are given direction, literature is born. If you have the power of words and wish to present your creations on a prominent platform, Sahityashala welcomes you. Every line here receives the honor it truly deserves.


Publishing on Sahityashala will not only bring recognition to your work but will also establish your presence in the literary world. Your creations will reach thousands of literature lovers who will appreciate and resonate with your words.


We welcome a wide range of literary contributions. Whether your expression is through poetry, stories, essays, or reflective articles — every form of literary art has its place at Sahityashala. Shayari, quotes, and personal experiences are also celebrated on our platform. Along with giving your work a respected space, we will also create a dedicated author profile, enhancing your literary identity.


We kindly request one thing in return — a do-follow backlink to Sahityashala from your website or blog. This will be mutually beneficial, strengthening the online presence of both platforms. However, if providing a backlink is not feasible, we offer a publication option with a nominal fee.


If you are interested in publishing your work through Sahityashala, please email your submission to kavitasadan@gmail.com. Kindly mention "Submission for Publication on Sahityashala" in the subject line and include your name, a brief bio, and contact details.


It’s time for your words to receive the recognition they deserve. Publish your work on Sahityashala and contribute to the rich tradition of Hindi literature, touching the hearts of readers worldwide.


"Every word has its own story, and Sahityashala is the platform that brings those stories to the hearts of readers."


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Aadmi Chutiya Hai Song Lyrics फूलों की लाशों में ताजगी चाहता है, आदमी चूतिया है फूलों की लाशों में ताजगी चाहता है फूलों की लाशों में ताजगी ताजगी चाहता है आदमी चूतिया है, कुछ भी चाहता है फूलों की लाशों में ज़िंदा है तो आसमान में उड़ने की ज़िद है ज़िंदा है तो आसमान में उड़ने की ज़िद है मर जाए तो मर जाए तो सड़ने को ज़मीं चाहता है आदमी चूतिया है काट के सारे झाड़-वाड़, मकाँ मकाँ बना लिया खेत में सीमेंट बिछा कर ज़मीं सजा दी, मार के कीड़े रेत में काट के सारे झाड़-वाड़, मकाँ बना लिया खेत में सीमेंट बिछा कर ज़मीं सजा दी, मार के कीड़े रेत में लगा के परदे चारों ओर क़ैद है चार दीवारी में मिट्टी को छूने नहीं देता, मस्त है किसी खुमारी में मस्त है किसी खुमारी में और वो ही बंदा अपने घर के आगे आगे नदी चाहता है आदमी चूतिया है टाँग के बस्ता, उठा के तंबू जाए दूर पहाड़ों में वहाँ भी डीजे, दारू, मस्ती, चाहे शहर उजाड़ों में टाँग के बस्ता, उठा के तंबू जाए दूर पहाड़ों में वहाँ भी डीजे, दारू, मस्ती, चाहे शहर उजाड़ों में फ़िर शहर बुलाए उसको तो जाता है छोड़ तबाही पीछे कुदरत को कर दाग़दार सा, छोड़ के अपनी स्याही पीछे छोड़ के अपनी स्याही ...

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