सारांश: हिंदी साहित्य के 'मस्त फकीर' महाकवि गोपालदास नीरज की वह कालजयी रचना, जिसने उनकी मृत्यु से पहले ही उनकी अमरता की भविष्यवाणी कर दी थी। पढ़िए "मेरा नाम लिया जाएगा" का संपूर्ण भावार्थ, लिरिक्स और गहरा विश्लेषण।
हिंदी साहित्य के आकाश में गोपालदास नीरज एक ऐसा नाम है, जिन्होंने कविता को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जन-जन का कंठहार बना दिया। उनकी रचनाएँ केवल शब्द नहीं, बल्कि भावनाओं का एक ऐसा ज्वार हैं जो हर सुनने वाले को भिगो देती हैं।
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| "आँसू जब सम्मानित होंगे..." – A tribute to the 'Mast Fakir' of Hindi literature, depicting the prophecy that his legacy would live on through tears and love. |
चाहे आप हिंदी मोटिवेशनल कविताओं की तलाश में हों या विरह की गहराई को समझना चाहते हों, नीरज जी की यह भविष्यवाणी—"आँसू जब सम्मानित होंगे, मुझको याद किया जाएगा"—सीधे दिल में उतरती है। आज हम इसी रचना का विस्तार से विश्लेषण करेंगे।
गोपालदास नीरज और उनका कवि-कर्म
नीरज जी को छायावाद और प्रगतिवाद के बीच का सेतु माना जाता है। जिस प्रकार सुभद्रा कुमारी चौहान की 'झाँसी की रानी' वीर रस का पर्याय है, उसी प्रकार नीरज की कविताएँ 'शृंगार और करुणा' का सागर हैं।
उन्होंने हमेशा माना कि एक कवि का जीवन संघर्षों से भरा होता है, जैसा कि उनकी दूसरी प्रसिद्ध रचना "मैंने बस चलना सीखा है" में भी झलकता है।
कविता: मेरा नाम लिया जाएगा
— गोपालदास 'नीरज'
आँसू जब सम्मानित होंगे, मुझको याद किया जाएगा
जहाँ प्रेम का चर्चा होगा, मेरा नाम लिया जाएगा।
मान-पत्र मैं नहीं लिख सका, राजभवन के सम्मानों का
मैं तो आशिक़ रहा जन्म से, सुंदरता के दीवानों का
लेकिन था मालूम नहीं ये, केवल इस ग़लती के कारण
सारी उम्र भटकने वाला, मुझको शाप दिया जाएगा।
खिलने को तैयार नहीं थीं, तुलसी भी जिनके आँगन में
मैंने भर-भर दिए सितारे, उनके मटमैले दामन में
पीड़ा के संग रास रचाया, आंख भरी तो झूमके गाया
जैसे मैं जी लिया किसी से, क्या इस तरह जिया जाएगा।
काजल और कटाक्षों पर तो, रीझ रही थी दुनिया सारी
मैंने किंतु बरसने वाली, आंंखों की आरती उतारी
रंग उड़ गए सब सतरंगी, तार-तार हर सांस हो गई
फटा हुआ यह कुर्ता अब तो, ज़्यादा नहीं सिया जाएगा।
जब भी कोई सपना टूटा, मेरी आंख वहां बरसी है
तड़पा हूं मैं जब भी कोई, मछली पानी को तरसी है,
गीत दर्द का पहला बेटा, दुख है उसका खेल खिलौना
कविता तब मीरा होगी जब, हंसकर जहर पिया जाएगा।
"मैने भर-भर दिए सितारे..." – Transforming pain into divine poetry.
भावार्थ और विश्लेषण (Analysis in Hindi)
इस कविता में नीरज जी ने स्पष्ट किया है कि सच्चा साहित्यकार सरकारी पुरस्कारों (राजभवन) का मोहताज नहीं होता। गजानन माधव मुक्तिबोध की तरह नीरज ने भी जीवन के कठिन यथार्थ को स्वीकारा, लेकिन अपने ही रोमैंटिक अंदाज में।
अंतिम पंक्तियाँ—"कविता तब मीरा होगी जब, हँसकर ज़हर पिया जाएगा"—यह दर्शाती हैं कि सृजन का मूल 'पीड़ा' है। मीरा की तरह विष पीकर अमृत (कविता) देने वाला ही सच्चा कवि है।
विद्यार्थियों के लिए महत्व (For Students)
हिंदी साहित्य के छात्रों (B.A./M.A.) के लिए यह कविता 'उत्तर-छायावाद' (Post-Chhayavad) का बेहतरीन उदाहरण है। इसमें 'करुण रस' और 'शृंगार रस' का अद्भुत संगम है। परीक्षाओं में नीरज जी की भाषा-शैली पर प्रश्न आने पर आप इस कविता का उदाहरण "सरल हिंदी और उर्दू के मिश्रण" (गंगा-जमुनी तहज़ीब) के रूप में दे सकते हैं।
Mera Naam Liya Jayega (Meaning in Hinglish)
Agar aap Hindi poetry ke true lover hain, toh Gopaldas Neeraj ki ye poem aapke dil ko zaroor chu jayegi.
Key Themes:
- The Prophecy: Neeraj ji kehte hain ki jab duniya 'Emotions' aur 'Pain' ki respect karegi, tab unhe yaad kiya jayega.
- Rejection of Material Success: Unhone "Rajbhavan" (Government awards) ke liye nahi likha. Wo toh bas "Beauty" aur "Love" ke deewane rahe.
- Empathy: Sabse powerful line hai—"Tadpa hoon main jab bhi koi, machli paani ko tarsi hai." Ye empathy hi unhe Mahan Kavi banati hai.
- Metaphor of Meera: Poetry tabhi "Meera" banti hai, jab poet saara dard hans kar seh leta hai.
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Video Credit: Sahityashala - Hub Of Literature
निष्कर्ष (Conclusion)
गोपालदास नीरज 2018 में भौतिक रूप से हमें छोड़कर चले गए, लेकिन उनकी यह भविष्यवाणी आज सच साबित हो रही है। साहित्यशाला (sahityashala.in) का उद्देश्य ऐसे ही साहित्य को सहेजना है।
यदि आप मैथिली साहित्य में रुचि रखते हैं, तो हमारे Maithili Poems या English Literature सेक्शन देखें।
1. Complete Collection of Neeraj on Rekhta
2. Gopaldas Neeraj Profile - Hindwi
3. Neeraj Biography - Wikipedia
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Disclaimer: कविता के बोल केवल साहित्यिक एवं शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रस्तुत किए गए हैं। सर्वाधिकार मूल रचनाकार के पास सुरक्षित हैं।
