सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

New !!

साहब के जूते: जुनेद अख्तर की वो हिंदी कहानी जो सिस्टम को नंगा कर देगी!

उम्र गुज़रेगी इम्तिहान में क्या - जौन एलिया | John Elia Ghazal In Hindi

उम्र गुज़रेगी इम्तिहान में क्या - जौन एलिया

|| John Elia Ghazal In Hindi | जौन एलिया की हिंदी ग़ज़ल ||

उम्र गुज़रेगी इम्तिहान में क्या - जौन एलिया

साहित्यशाला के मंच पर आपका स्वागत है। आज हम उर्दू शायरी के उस अल्हड़, बागी और बेहद जज़बाती फनकार की बात कर रहे हैं जिसे दुनिया जौन एलिया के नाम से जानती है। जौन की शायरी सिर्फ शब्दों का खेल नहीं, बल्कि उनके अंतर्मन की चीख है। जहाँ उनकी मशहूर रचना 'बे-क़रारी सी बे-क़रारी है' में मोहब्बत की बेचैनी अपने चरम पर दिखती है, वहीं इस ग़ज़ल 'उम्र गुज़रेगी इम्तिहान में क्या' में वे ज़िंदगी, खुद और ज़माने से गहरे दार्शनिक सवाल पूछते नज़र आते हैं। आइए, जौन के इस रूहानी सफर में डूबते हैं।

उम्र गुज़रेगी इम्तिहान में क्या ?
दाग़ ही देंगे मुझ को दान में क्या ?

मेरी हर बात बे-असर ही रही,
नक़्स है कुछ मेरे बयान में क्या |

मुझ को तो कोई टोकता भी नहीं,
यही होता है ख़ानदान में क्या |

अपनी महरुमियाँ छुपाते हैं,
हम ग़रीबों की आन-बान में क्या ?

ख़ुद को जाना जुदा ज़माने से,
आ गया था मेरे गुमान में क्या ?

शाम ही से दुकान-ए-दीद है बंद,
नहीं नुक़सान तक दुकान में क्या ?

ऐ मेरे सुब्ह-ओ-शाम-ए-दिल की शफ़क़,
तू नहाती है अब भी बान में क्या ?

बोलते क्यूँ नहीं मेरे हक़ में ?
आबले पड़ गए ज़बान में क्या ?

ख़ामोशी कह रही है कान में क्या ?
आ रहा है मेरे गुमान में क्या ?

दिल कि आते हैं जिस को ध्यान बहुत,
ख़ुद भी आता है अपने ध्यान में क्या ?

वो मिले तो ये पूछना है मुझे,
अब भी हूँ मैं तेरी अमान में क्या ?

यूँ जो तकता है आसमान को तू,
कोई रहता है आसमान में क्या ?

है नसीम-ए-बहार गर्द-आलूद,
ख़ाक उड़ती है उस मकान में क्या ?

ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता,
एक ही शख़्स था जहान में क्या ?

— जौन एलिया

ग़ज़ल की ख़ूबसूरत तशरीह (Deep Explanation)

जौन एलिया की यह ग़ज़ल इंसानी अस्तित्व, अकेलेपन और निराशा का एक ऐसा दस्तावेज़ है जिसे पढ़कर मन ठहर जाता है। ग़ज़ल का सबसे लोकप्रिय शेर—"ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता, एक ही शख़्स था जहान में क्या?"—मनोविज्ञान के उस मोड़ को छूता है जहाँ दिल यह जानते हुए भी कि दुनिया बहुत बड़ी है, किसी एक इंसान के चले जाने पर पूरी तरह वीरान हो जाता है।

इस रचना में जौन ने कुछ बेहद कठिन और गहरे प्रतीकों का प्रयोग किया है। 'नक़्स' का अर्थ है कमी या दोष, जहाँ वे अपनी ही अभिव्यक्ति पर सवाल उठाते हैं। जब वे कहते हैं कि 'शाम ही से दुकान-ए-दीद है बंद' (यानी देखने या दीदार की चाहत ही ख़त्म हो गई है), तो वह अवसाद और उदासीनता की पराकाष्ठा है।

जौन का लहज़ा अक्सर शिकायती होता है, पर वह शिकायत दुनिया से नहीं बल्कि अपनी किस्मत और वजूद से होती है। वे समाज की खामोशी पर चोट करते हुए पूछते हैं कि 'बोलते क्यूँ नहीं मेरे हक़ में, आबले पड़ गए ज़बान में क्या?'। यही कड़वापन और बेबाकी जौन को प्रेम और दर्शन का एक अनूठा मिश्रण बनाती है।

John Elia Ghazal Lyrics Hindi Meaning

साहित्यशाला का हमेशा से यह प्रयास रहा है कि हम शब्दों के पीछे छिपे गहरे दर्शन को आपके सामने सहज रूप में ला सकें। जौन एलिया की यह उदासी जहाँ दिल को सुन्न करती है, वहीं जीवन के अन्य पहलू भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

यदि आप इस रूमानी और दार्शनिक निराशा से इतर उर्दू और हिंदी साहित्य के अन्य अद्भुत रंगों का अनुभव करना चाहते हैं, तो हमारी पिछली प्रस्तुतियों को भी ज़रूर पढ़ें। आप जौन की ही दूसरी कालजयी रचना 'बे-क़रारी सी बे-क़रारी है' का आनंद ले सकते हैं। साथ ही, व्यवस्था पर करारा प्रहार करने वाले अदम गोंडवी की 'तुम्हारी फ़ाइलों में गाँव का मौसम' या फिर जुझारू तेवरों से भरी फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की 'हम देखेंगे' पढ़कर अपने साहित्यिक क्षितिज को नया विस्तार दे सकते हैं।

इस ग़ज़ल का कौन सा शेर आपके दिल के सबसे करीब गुज़रा? नीचे कमेंट बॉक्स में अपने जज़्बात हमारे साथ ज़रूर साझा करें!

Author: Harsh Nath Jha
Founder of Sahityashala, Author & Literature Enthusiast 🏑

Famous Poems

Mahabharata Poem in Hindi: कृष्ण-अर्जुन संवाद (Amit Sharma) | Lyrics & Video

Last Updated: November 2025 Table of Contents: 1. Introduction 2. Full Lyrics (Krishna-Arjun Samvad) 3. Watch Video Performance 4. Literary Analysis (Sahitya Vishleshan) महाभारत पर रोंगटे खड़े कर देने वाली कविता Mahabharata Poem On Arjuna by Amit Sharma Visual representation of the epic dialogue between Krishna and Arjuna. This is one of the most requested Inspirational Hindi Poems based on the epic conversation between Lord Krishna and Arjuna. Explore our Best Hindi Poetry Collection for more Veer Ras Kavitayein. तलवार, धनुष और पैदल सैनिक कुरुक्षेत्र में खड़े हुए, रक्त पिपासु महारथी इक दूजे सम्मुख अड़े हुए | कई लाख सेना के सम्मुख पांडव पाँच बिचारे थे, एक तरफ थे योद्धा सब, एक तरफ समय के मारे थे | महा-समर की प्रतिक्षा में सारे ताक रहे थे जी, और पार्थ के रथ को केशव स्वयं हाँक रहे थे जी || रणभूमि के सभी नजारे देखन में कुछ खास लगे, माधव ने अर्जुन को देखा, अर्जुन उन्हें उदास लगे | ...

कट जाओगे मिट जाओगे हो जाएगा अंत (Kat Jaoge Mit Jaoge): Viral Lyrics & Meaning

कट जाओगे मिट जाओगे हो जाएगा अंत: वायरल गीत का खौफनाक सच और सटीक विश्लेषण भारतीय राजनीतिक संगीत के इतिहास में शायद ही किसी गाने ने इंटरनेट पर इतनी तेज़ी से आग लगाई हो जितनी "कट जाओगे मिट जाओगे हो जाएगा अंत" ने लगाई है। प्रेम (Prem) की रोंगटे खड़े कर देने वाली आवाज़ और रुद्र (Rudra) की बेबाक कलम ने एक ऐसा राजनीतिक गान (Political Anthem) तैयार किया है, जो सोशल मीडिया के हर कोने में गूंज रहा है। क्या यह महज़ एक देशभक्ति गीत है, या इसके पीछे कोई गहरा राजनीतिक ध्रुवीकरण छिपा है? साहित्यशाला (Sahityashala) के इस एक्सक्लूसिव लेख में, हम इस वायरल ट्रैक के संपूर्ण बोल (Full Lyrics), इसके प्रत्येक छंद का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण (Psychological Trigger Formatting) और इसके सामाजिक-राजनीतिक एजेंडे का एक निष्पक्ष और गहन आलोचनात्मक विश्लेषण करेंगे। ▶ वीडियो देखें 📱 WhatsApp पर शेयर करें प्रेम और रुद्र द्वारा रचित इस लोकप्रिय गीत की आधिकारिक कलाकृति। गीत के संपूर्ण बोल और मनोवैज्ञानिक संरचना ...

अरे! खुद को ईश्वर कहते हो तो जल्दी अपना नाम बताओ | Mahabharata Par Kavita

अरे! खुद को ईश्वर कहते हो तो जल्दी अपना नाम बताओ  - Arey Khud Ko Ishwar Kehte Ho To || Mahabharata Par Kavita || तलवार, धनुष और पैदल सैनिक   कुरुक्षेत्र में खड़े हुए, रक्त पिपासु महारथी  इक दूजे सम्मुख अड़े हुए | कई लाख सेना के सम्मुख पांडव पाँच बिचारे थे, एक तरफ थे योद्धा सब, एक तरफ समय के मारे थे | महा-समर की  प्रतिक्षा  में सारे ताक रहे थे जी, और पार्थ के रथ को केशव स्वयं  हाँक  रहे थे जी ||    रणभूमि के सभी नजारे  देखन  में कुछ खास लगे, माधव ने अर्जुन को देखा, अर्जुन उन्हें  उदास  लगे | कुरुक्षेत्र का  महासमर  एक पल में तभी सजा डाला, पांचजन्य  उठा कृष्ण ने मुख से लगा बजा डाला | हुआ  शंखनाद  जैसे ही सब का गर्जन शुरु हुआ, रक्त बिखरना हुआ शुरु और सबका  मर्दन   शुरु हुआ | कहा कृष्ण ने उठ पार्थ और एक आँख को  मीच  जड़ा, गाण्डिव   पर रख बाणों को प्रत्यंचा को खींच जड़ा | आज दिखा दे रणभूमि में योद्धा की  तासीर  यहाँ, इस धरती पर ...

साहित्यशाला कविता संग्रह: महाभारत, भक्ति, जीवन, प्रेम और प्रेरणा पर 100+ सर्वश्रेष्ठ कविताएँ

🔥 New Release: "संयुक्ताक्षर" (Sanyuktakshar) - Read the viral poem defining Love through Grammar साहित्यशाला कविता संग्रह: महाभारत, भक्ति, जीवन, प्रेम और प्रेरणा पर 100+ सर्वश्रेष्ठ कविताएँ कविताएँ (Poetry) भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे खूबसूरत और सशक्त माध्यम हैं। वे हमारे दिल की गहराईयों से निकलती हैं और सीधे पढ़ने वाले के दिल तक पहुँचती हैं। साहित्यशाला हमेशा से ही कविता और साहित्य का एक घर रहा है, जहाँ हर रोज़ नए और पुराने कवि अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोते हैं। आज, हमने आपके लिए एक विशेष "महा-संग्रह" (Mega Collection) तैयार किया है। इस एक पेज पर, हमने साहित्यशाला पर प्रकाशित सर्वश्रेष्ठ हिन्दी कविताओं, मैथिली कविताओं और अंग्रेजी कविताओं को एक साथ संकलित किया है। 🔥 सर्वाधिक लोकप्रिय (Reader's Choice) Charkha Lyrics in English: Original, Hinglish, Hindi & Meaning सादगी तो हमारी ज़रा देखिए | Saadgi To Hamari Zara Dekhiye Lyrics Dar Pe Sudama Garib Aa Gaya Hai Lyrics (Arey Dwarpalo) Kahani Karn Ki Poem Lyrics By Abhi Munde (Psycho Shaya...

मैं कुरुक्षेत्र में उतरा था बस अर्जुन से टकराने को Lyrics (Main Kurukshetra Me Utra Tha) - वही कर्ण हूँ मैं सम्पूर्ण लिरिक्स

मैं कुरुक्षेत्र में उतरा था बस अर्जुन से टकराने को Lyrics (Main Kurukshetra Me Utra Tha) - वही कर्ण हूँ मैं सम्पूर्ण लिरिक्स अगर आप Ravan के गाये उस प्रसिद्ध गीत को खोज रहे हैं जिसकी पंक्ति " मैं कुरुक्षेत्र में उतरा था बस अर्जुन से टकराने को " ने आपके दिल को छू लिया है, तो आप बिलकुल सही जगह पर आए हैं। यह पंक्ति 'वही कर्ण हूँ मैं' (Wahi Karn Hu Mai) नामक एक बेहद शक्तिशाली और भावपूर्ण गीत का हिस्सा है, जिसने सोशल मीडिया और संगीत प्रेमियों के बीच एक अलग ही जगह बना ली है。 इस लेख में, हम आपके लिए Main Kurukshetra Me Utra Tha Lyrics (वही कर्ण हूँ मैं) के सम्पूर्ण और सटीक हिन्दी और हिंगलिश (Roman English) लिरिक्स प्रस्तुत कर रहे हैं। यह गीत महाभारत के महान योद्धा कर्ण के दृष्टिकोण, उनकी व्यथा और उनके पराक्रम का वर्णन करता है। कलाकार Ravan द्वारा लिखे और गाए गए गीत "वही कर्ण हूँ मैं"  Wahi Karn Hu Main Lyrics in Hindi (मैं कुरुक्षेत्र में उतरा था) यह प्रसिद्ध पंक्ति " Main Kurukshetra Me Utra Tha " कलाकार Ravan द्वारा लिखे और गाए गए गीत ...