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सत्य का श्रृंगार नहीं होता: प्रभाष पाठक का मार्मिक एवं विचारपरक आलेख

Lekhak Hu...लेखक हूँ - Harsh Nath Jha | Sad Poems In Hindi


Lekhak Hun...लेखक हूँ

Harsh Nath Jha Hindi Poems

Poems By Harsh Nath Jha

लेखक हूँ - Harsh Nath Jha  Sad Poems In Hindi


कैसी मेरी शायरी है ?

मैं खुशी नहीं दे पाता हूँ

इस दुनिया के ज़हर में

और ज़हर घोल आता हूँ |


क्यों अपनी लेखनी को

मैं मोड़ नहीं सकता हूँ ?

क्यों हृदय की हर पीड़ा को

मैं छोड़ नहीं सकता हूँ ?


काव्य उल्लास के लिखना चाहता हूँ

प्रेम का इज़हार करना चाहता हूँ

ये ग़म तो मेरा साथी है

पर मैं प्यार करना चाहता हूँ |


लेखक हूँ - Harsh Nath Jha  Sad Poems In Hindi


हाँ ! कर्त्तव्य से बँधा हूँ मैं

देश की पुकार लिखने का

देश की मिट्टी पर

कई बार बिकने का |


शासन की प्रताड़ना का

मेरी लेखनी जवाब है

मेरी मोहब्बत से कहीं बड़ा

मेरे पुरखों का ख़्वाब है |


गुणगान इतिहास का सही है

पर मुझे सवाल उठाने हैं

देश के लिए लिखना होगा

कुछ रहस्य खुलवाने हैं |


लेखक हूँ - Harsh Nath Jha  Sad Poems In Hindi

अमृत आना तो बाकी है

हलाहल तो अब पीना है

न जिए अगर धरा के लिए

तो ये जीना कैसा जीना है ?


हाँ! किसी को विष तो पीना है

किसी को हर पल जीना है |


कैसी मेरी शायरी है ?

मैं खुशी नहीं दे पाता हूँ

इस दुनिया के ज़हर में

और ज़हर घोल आता हूँ |

-

हर्ष नाथ झा

लेखक हूँ - Harsh Nath Jha  Sad Poems In Hindi

Sad Poems In Hindi

Sad Shayari In Hindi


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