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सदाबहार दिवाली कविताएँ: 7 Heart-Touching Diwali Poems in Hindi (भावार्थ सहित) That Will Make You Emotional!

14 Best Republic Day Poems in Hindi for 2026 (Original & Famous Patriotic Kavita)

 14 Best Republic Day Poems in Hindi for 2026 (Original & Famous Patriotic Kavita)

Republic Day 2026 (गणतंत्र दिवस 2026) बस आने ही वाला है! 26 जनवरी, हमारा गणतंत्र दिवस, केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है; यह भारत के हर नागरिक के लिए गर्व और सम्मान का दिन है। यह उस दिन की याद दिलाता है जब हमारा अपना संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु गणराज्य बना। 2026 के कार्यक्रमों की आधिकारिक जानकारी आप MyBharat पोर्टल पर देख सकते हैं।

इस दिन को मनाने के, देशभक्ति के गीत सुनने के और तिरंगे को सलामी देने के कई तरीके हैं, लेकिन शब्दों में जो ताकत है, वह बेमिसाल है। Sahityashala.in पर, हम 2026 के इस विशेष अवसर के लिए कुछ चुनिंदा Republic Day Poem in Hindi लेकर आए हैं, जो आपके दिल में देशभक्ति की लौ को और प्रज्वलित कर देंगी।

A small Indian flag sits on a rustic table next to open books, symbolizing patriotic poetry. India Gate is visible in the background, lit by a soft sunrise.

26 जनवरी 2026 पर प्रसिद्ध देशभक्ति कविताएं

(Famous Patriotic Poems for Republic Day 2026)

ये कविताएँ समय के साथ और भी प्रासंगिक होती गई हैं—इनमें देशभक्ति, बलिदान और स्वाभिमान की भावना कूट-कूटकर भरी हुई है।

1. पुष्प की अभिलाषा — माखनलाल चतुर्वेदी

चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ, 
चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ। 
चाह नहीं, सम्राटों के शव पर हे हरि! डाला जाऊँ, 
चाह नहीं, देवों के सिर पर चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ। 
मुझे तोड़ लेना वनमाली! उस पथ पर देना तुम फेंक, 
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने, जिस पथ जाएँ वीर अनेक।

– माखनलाल चतुर्वेदी

(यदि आप 15 अगस्त के लिए कविताएं ढूंढ रहे हैं, तो हमारा स्वतंत्रता दिवस पर कविताओं का विशेष संग्रह भी अवश्य पढ़ें।)

2. सरफ़रोशी की तमन्ना — राम प्रसाद बिस्मिल

क्रांतिकारी कविताओं के इस जोश के बीच आप हबीब जालिब की प्रसिद्ध रचना "मैं नहीं मानता" (दस्तूर) का अर्थ भी पढ़ सकते हैं।

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, 
देखना है ज़ोर कितना बाज़ु-ए-कातिल में है। 
वक़्त आने दे बता देंगे तुझे ऐ आसमाँ, 
हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है।

– राम प्रसाद बिस्मिल

3. जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़ियाँ — राजेन्द्र कृष्ण

जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़ियाँ करती हैं बसेरा, 
वो भारत देश है मेरा... 
जहाँ सत्य, अहिंसा और धर्म का पग-पग लगता डेरा, 
वो भारत देश है मेरा॥

– राजेन्द्र कृष्ण

4. झांसी की रानी — सुभद्रा कुमारी चौहान (अंश)

सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, 
बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी। 
गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी, 
दूर फिरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी। 
चमक उठी वह तलवारों में, फिर स्वतंत्रता की आशा, 
बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी— 
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी।

– सुभद्रा कुमारी चौहान

5. विजयी विश्व तिरंगा प्यारा — श्यामलाल गुप्त 'पार्षद'

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, 
झंडा ऊँचा रहे हमारा। 
सदा शक्ति बरसाने वाला, 
प्रेम-सुधा सरसाने वाला, 
वीरों को हरषाने वाला— 
मातृभूमि का तन-मन सारा। 
झंडा ऊँचा रहे हमारा।

– श्यामलाल गुप्त 'पार्षद'

(आप हमारे हिंदी कविताओं के सर्वश्रेष्ठ संग्रह में जीवन और प्रेम पर अन्य रचनाएँ भी पढ़ सकते हैं।)

छात्रों के लिए छोटी गणतंत्र दिवस कविताएं 2026

(Short Republic Day Poems for Students)

स्कूल, कॉलेज, मंच, भाषण—यहां 2026 में पढ़ने के लिए छोटी और प्रभावशाली कविताएँ।

6. आओ तिरंगा लहराएँ

आओ तिरंगा लहराएँ, 
आओ तिरंगा फहराएँ। 
अपना गणतंत्र दिवस है आया, 
झूमो, नाचो, खुशी मनाओ। 
आजादी की खुली हवा में, 
हम भी आज़ाद कहलाएँ।

7. नन्हा मुन्ना राही हूँ — शकील बदायूँनी

नन्हा मुन्ना राही हूँ, 
देश का सिपाही हूँ। 
बोलो मेरे संग— जय हिन्द, जय हिन्द! 
रस्ते पे चलूँगा न डर-डर के, 
चाहे मुझे जीना पड़े मर-मर के।

– शकील बदायूँनी

दिल छू लेने वाली गणतंत्र दिवस कविताएं

(Heart Touching Republic Day Poems in Hindi)

ये कविताएं बलिदान, देशभक्ति और भारतीयता का गहरा भाव जगाती हैं।

Indian national flag waving at sunset near India Gate on Republic Day celebration

(हमारे संग्रह में अन्य देशभक्ति कविताओं का बेहतरीन कलेक्शन भी मौजूद हैं।)

8. वीरों का कैसा हो वसंत — सुभद्रा कुमारी चौहान

कह दे अतीत अब मौन त्याग, 
लंके, तुझमें क्यों लगी आग? 
ऐ कुरुक्षेत्र! अब जाग, जाग, 
बतला अपने अनुभव अनन्त— 
वीरों का कैसा हो वसंत?

– सुभद्रा कुमारी चौहान


9. मेरा मुल्क मेरा देश — जावेद अख्तर

मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन, 
शांति का, उन्नति का, प्यार का चमन। 
इसके वास्ते निसार है 
मेरा तन—मेरा मन, 
ऐ वतन! ऐ वतन! ऐ वतन! 
जानेमन, जानेमन, जानेमन।

– जावेद अख्तर

Sahityashala Original Poems for Republic Day 2026

10. मेरा तिरंगा (Original)

आसमान पर चढ़ जाए 
चाहे कितनी ही आँधियाँ, 
मेरा तिरंगा झुक नहीं सकता— 
ये इसकी रवायत है। 
रंग तीन, पर दिल एक— 
यही हमारी पहचान। 
जिस मातृभूमि ने जन्म दिया, 
वही मेरी इबादत है।

11. गणतंत्र की शपथ (Original)

हमने इतिहास लिखा था, 
आज उसे दोहराएँगे, 
संविधान की मर्यादा को 
फिर से सम्मान दिलाएँगे। 
न्याय मिले— सबको मिले, 
यही संकल्प हमारा है। 
भारत को सर्वोच्च बनाना 
कर्तव्य सबसे प्यारा है।

12. वीरों की धरती (Original)

यह मिट्टी वीरों की धरती, 
हर कण में बलिदान लिखा है। 
हमने आँसू भी आज़ादी पर, 
और हँसकर प्राण दिया है। 
26 जनवरी का यह पर्व 
हम सबका अभिमान रहे। 
भारत माँ के लाल सभी 
दुनिया में पहचान रहे।

13. भारत है मेरा नाम (Original)

नदियों की गूँज में हूँ मैं, 
पर्वत की शान में हूँ मैं— 
सदियों की संस्कृति का अंश, 
भारत की जान में हूँ मैं। 
जब भी राष्ट्रगान बजे, 
सीना मेरा चौड़ा हो जाए, 
देश के लिए जीना–मरना 
यही मेरा अरमान है।

14. तिरंगे की पुकार (Original)

तिरंगे की हर लहराहट 
एक नई कहानी कहती है। 
बलिदान और समर्पण की 
सदियों पुरानी गाथा रहती है। 
चलो सलामी दें उस ध्वज को 
जिसने हमें स्वतंत्र बनाया— 
26 जनवरी का यह पर्व 
हर दिल को गर्व से भर जाए।

गणतंत्र दिवस पर FAQs

Q1: 26 जनवरी क्यों मनाई जाती है?
A1: 1950 में इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था और भारत एक संप्रभु गणराज्य बना। इसके बारे में विस्तृत जानकारी Times of India के इस विशेष लेख में भी उपलब्ध है।

Q2: गणतंत्र दिवस की आधिकारिक घोषणाएं कहाँ देखें?
A2: आप PIB Republic Day सेल पर जाकर सभी आधिकारिक प्रेस सूचनाएं प्राप्त कर सकते हैं।

Q3: गणतंत्र दिवस 2026 पर भाषण की शुरुआत कैसे करें?
A3: आप प्रभावशाली लाइनों से शुरुआत कर सकते हैं, जैसे:
“सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है।”

(इन कविताओं के साथ-साथ, हमारी देशभक्ति कविताओं का बेहतरीन कलेक्शन भी पढ़ें।)

निष्कर्ष

ये कविताएँ केवल शब्द नहीं—ये भारत की आत्मा की धड़कन हैं।
जब हम इन्हें पढ़ते हैं, हम अपने वीरों, संविधान और देश की गरिमा को नमन करते हैं।

इस गणतंत्र दिवस 2026, इन कविताओं को पढ़ें, साझा करें और देशभक्ति को दिल में महसूस करें।

जय हिन्द! जय भारत!



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