सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

New !!

Mangal Rang Lyrics in Hindi & Meaning: Ramayana (2026) Song Guide

Maa Par Hindi Kavita: जननी है | Mother’s Day Poems in Hindi (Emotional & Inspiring)

Maa Par Hindi Kavita | Mother's Day Poems in Hindi | जननी है

माँ — ममता, त्याग और हर जीवन की प्रथम प्रेरणा। इस संग्रह में माँ पर बेहतरीन हिंदी कविताएँ और उद्धरण दिए गए हैं।

पढ़ें: Best Hindi Poetry Collection — Life, Love & Motivation · Hindi Classics — Movie Adaptations Guide

Maa Par Hindi Kavita — Mother's Day Poems in Hindi | जननी है कविता का चित्र | माँ और बच्चे का प्रेम दर्शाता चित्र
चित्र: Maa Par Hindi Kavita — जननी है | Mother's Day Poems in Hindi | माँ और बच्चे के प्रेम का प्रतीकात्मक चित्र।

परिचय — माँ की ममता और प्रेरणा

माँ — वह अनमोल शक्ति जो हर जीवन को संवारती है। यह कविता संग्रह माँ, जननी और मातृभूमि के प्रति प्रेम, त्याग और करुणा को समर्पित है।

अधिक पढ़ें: Best Hindi Poetry Collection, किताब वाली लड़की (Short Story)

यह लेख माँ-सम्बंधी कविताओं का एक संकलन है — पढ़ें, साझा करें और अपने प्रियजनों के साथ बाँटें।

माँ पर कविता

मैय्या तु ईश्वर का रूप अनूप

हमारी भाषा हिंदी ,जननी है,

हे मैय्या तु ईश्वर का रूप अनूप
हो गर्मी में छाँव सर्दी में धूप
ममता दया प्रेम करुणा है खूब
यही है जननी तेरा वास्तविक स्वरुप

जननी है तु जग में सबसे प्यारी
गाये तेरी महिमा दुनिया सारी
तेरे ही आँचल की छाँव में माता
बचपन बनता है यौवन
करना संतान को सुख समर्पित
होता है तेरा जीवन

हिमालय जैसा गौरव तेरा
तु ही लाये नित नया सवेरा
हृदय में तुम्हारे प्रेम की नदियाँ
अविरल बह रही बीती सदियाँ

कभी ना हटी ममता में पीछे
ईश्वर का दर्जा भी तेरे नीचे
क्योकि ईश्वर को भी तुने जन्म दिया
तेरे सीने से लग स्तनपान किया

हर युग में तेरी महिमा निराली
संतान की रक्षा के खातिर
बनी तु गौरी, बनी तु काली
बड़ी अलौकिक बड़ी ही न्यारी
तेरी छवि सदा रही रब से प्यारी

तेरा हर देवी में वास है
देव भी करे तुझ पे विश्वास है
करता रहेगा तेरा वंदन
तब तक यह संसार
जब तक प्रेम इस जहां में
और जीवित है संसार

महिला और पुत्र — माँ की ममता | Maa Par Hindi Kavita फोटो
माँ की ममता — जीवन की पहली प्रेरणा। (Image credit: Unsplash / Akshat Vats)

जनक-जननी और जाया

जन्म लिया जब धरा पे तुमने, जननी ने जग दिखलाया

ऊँगली थाम नेह से तुमको जनक ने चलना सिखलाया

वे भूखे पेट सोए होंगे, पेट तुम्हारा भरने को

रात-रात भर जागे होंगे, सपने पूरे करने को।

देव तुल्य हैं चरणों में उनके, सचमुच स्वर्ग समाया

ऊँगली थाम नेह से तुमको जनक ने चलना सिखलाया।

कड़वे शब्दों के न करना, दिल पर उनके वार कभी

और न करना जीवन में है, उन पर अत्याचार कभी।

क्योंकि वे तो सदा चाहते, सुखी रहे उनका जाया

ऊँगली थाम नेह से तुमको जनक ने चलना सिखलाया।

यदि बन श्रवण माँ बाप की सेवा तुम कर जाओगे

ईश्वर की भी कृपा रहेगी, सुखमय जीवन पाओगे।

रही सदा है मात-पिता की, शुभ आशीषों की छाया

ऊँगली थाम नेह से तुमको जनक ने चलना सिखलाया।

जननी जन्मभूमि — उद्धरण

मैं माँ को बहुत प्यार करता था
कभी अपने मुँह से नहीं कहा मैंने।
टिफ़िन के पैसे बचाकर
कभी-कभी ख़रीद लाता था सन्तरे
लेटे-लेटे माँ की आँखें डबडबा जाती थीं...
माँ और परिवार — माँ पर हिंदी कविता | Maa Par Hindi Kavita
मातृछाया — बचपन से यौवन तक। (Image credit: Unsplash)

Famous Poems

Shafaullah Khan Rokhri: Chalre Chalre Waal Lyrics Meaning & Deep Analysis

Home » Music » Chalre Chalre Waal Lyrics Meaning Shafaullah Khan Rokhri के अमर गीत 'Chalre Chalre Waal' का गहरा अर्थ और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण क्या आपने कभी सोचा है कि एक काली शॉल और लाल रुमाल किसी को इस कदर दीवाना कैसे बना सकता है? संगीत की दुनिया में कुछ धुनें ऐसी होती हैं जो सिर्फ कानों को नहीं, सीधे रूह को छूती हैं । शफ़ाउल्लाह ख़ान रोखड़ी (Shafaullah Khan Rokhri) का बहुचर्चित सरायकी/पंजाबी लोकगीत 'चलरे चलरे वाल' एक ऐसा ही जादुई तराना है। यह गीत सिर्फ शब्दों का जाल नहीं है; यह एक आशिक के दिल की पुकार है । एक ऐसा प्रेमी जो अपने महबूब की ठेठ सादगी और उसकी कातिलाना अदाओं पर अपनी पूरी दुनिया लुटाने को तैयार है। शफ़ाउल्लाह ख़ान रोखड़ी का अमर ग...

कट जाओगे मिट जाओगे हो जाएगा अंत (Kat Jaoge Mit Jaoge): Viral Lyrics & Meaning

कट जाओगे मिट जाओगे हो जाएगा अंत: वायरल गीत का खौफनाक सच और सटीक विश्लेषण भारतीय राजनीतिक संगीत के इतिहास में शायद ही किसी गाने ने इंटरनेट पर इतनी तेज़ी से आग लगाई हो जितनी "कट जाओगे मिट जाओगे हो जाएगा अंत" ने लगाई है। प्रेम (Prem) की रोंगटे खड़े कर देने वाली आवाज़ और रुद्र (Rudra) की बेबाक कलम ने एक ऐसा राजनीतिक गान (Political Anthem) तैयार किया है, जो सोशल मीडिया के हर कोने में गूंज रहा है। क्या यह महज़ एक देशभक्ति गीत है, या इसके पीछे कोई गहरा राजनीतिक ध्रुवीकरण छिपा है? साहित्यशाला (Sahityashala) के इस एक्सक्लूसिव लेख में, हम इस वायरल ट्रैक के संपूर्ण बोल (Full Lyrics), इसके प्रत्येक छंद का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण (Psychological Trigger Formatting) और इसके सामाजिक-राजनीतिक एजेंडे का एक निष्पक्ष और गहन आलोचनात्मक विश्लेषण करेंगे। ▶ वीडियो देखें 📱 WhatsApp पर शेयर करें प्रेम और रुद्र द्वारा रचित इस लोकप्रिय गीत की आधिकारिक कलाकृति। गीत के संपूर्ण बोल और मनोवैज्ञानिक संरचना ...

सुना था कि बेहद सुनहरी है दिल्ली (Lyrics & Meaning) - Imran Pratapgarhi

सुना था कि बेहद सुनहरी है दिल्ली (Lyrics & Meaning) - Imran Pratapgarhi "Suna Tha Ki Behad Sunheri Hai Dilli" – यह सिर्फ एक कविता की पंक्ति नहीं, बल्कि सत्ता के गलियारों पर किया गया एक बेहद तीखा और मार्मिक राजनीतिक व्यंग्य है। इमरान प्रतापगढ़ी की यह रचना एक माँ की तड़प को आवाज़ देती है, जो चकाचौंध से भरी 'सुनहरी' दिल्ली में अपने लापता लाल (बेटे) और इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है। साहित्यशाला के इस लेख में हम केवल इस मशहूर कविता के पूरे बोल (Lyrics) ही नहीं पढ़ेंगे, बल्कि इसके पीछे छिपे उस गहरे प्रतीकात्मक अर्थ (Metaphorical Meaning) का भी विश्लेषण करेंगे, जिसने भारतीय राजनीति और समाज को झकझोर कर रख दिया था। प्रतीकात्मक चित्र: "सुनहरी" दिल्ली की खामोशी और एक बेबस माँ की गुहार। (Suna Tha Ki Behad Sunheri Hai Dilli - Visual Meaning) कविता की पृष्ठभूमि और राजनीतिक संदर्भ (Context) साहित्य हमेशा समाज का दर्पण होता है। जब भी सत्ता अपनी ज़िम्मेदारियों से मुँह मोड़ती है, तब फैज़ अहमद फैज़ की ...

Baba Jani Poem Lyrics: पिता-पुत्र की इस रुला देने वाली कविता ने लाखों दिलों को छुआ!

साहित्य का मूल उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के उन पृष्ठों को खोलना है जिन पर अक्सर धूल जम जाती है। "बाबा जानी" (Baba Jani) आधुनिक दौर की एक ऐसी ही मार्मिक रचना है, जो पीढ़ियों के बीच पनपते संवादहीनता (Generational Gap) और वृद्धावस्था के मनोवैज्ञानिक पहलुओं को बड़ी सूक्ष्मता से उकेरती है। जिस तरह सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की 'सरोज स्मृति' ने एक पिता के असीम वात्सल्य और शोक को अमर कर दिया, ठीक उसी तरह यह कविता एक वृद्ध, असहाय पिता और उसके अधीर, युवा बेटे के बीच के उस जटिल संवाद को प्रस्तुत करती है, जो आज के समाज का एक कड़वा यथार्थ बन चुका है। हिंदी साहित्य में जहाँ एक ओर धूमिल की 'किस्सा जनतन्त्र' जैसे रचनाओं में व्यवस्था और रोज़गार का संघर्ष झलकता है, और दिनकर की 'व्याल विजय' में सत्ता का वैचारिक द्वंद्व दिखाई देता है; वहीं, 'बाबा जानी' घर की चारदीवारी के भीतर चलने वाले उस मौन संघर्ष को स्वर देती है जहाँ मनुष्य की शारीरिक लाचारी उसके आत्मसम्मान से टकराती है...

Mahabharata Poem in Hindi: कृष्ण-अर्जुन संवाद (Amit Sharma) | Lyrics & Video

Last Updated: October 2026 Table of Contents: 1. Introduction 2. Full Lyrics (Krishna-Arjun Samvad) 3. Watch Video Performance 4. Literary Analysis (Sahitya Vishleshan) महाभारत पर रोंगटे खड़े कर देने वाली कविता Mahabharata Poem On Arjuna by Amit Sharma Visual representation of the epic dialogue between Krishna and Arjuna. This is one of the most requested Inspirational Hindi Poems based on the epic conversation between Lord Krishna and Arjuna. Explore our Best Hindi Poetry Collection for more Veer Ras Kavitayein. तलवार, धनुष और पैदल सैनिक कुरुक्षेत्र में खड़े हुए, रक्त पिपासु महारथी इक दूजे सम्मुख अड़े हुए | कई लाख सेना के सम्मुख पांडव पाँच बिचारे थे, एक तरफ थे योद्धा सब, एक तरफ समय के मारे थे | महा-समर की प्रतिक्षा में सारे ताक रहे थे जी, और पार्थ के रथ को केशव स्वयं हाँक रहे थे जी || रणभूमि के सभी नजारे देखन में कुछ खास लगे, माधव ने अर्जुन को देखा, अर्जुन उन्हें उदास लगे | ...