होली पर कविता - Holi Par Hindi Poems
होली रंगों, उमंगों और प्रेम का त्यौहार है। साहित्यशाला पर प्रस्तुत है हिंदी साहित्य की चुनिंदा और बेहतरीन होली कविताओं का विशाल संग्रह।
1. होली पर हास्य कविताएं (Holi Funny Poems)
होली का मज़ा हंसी-ठिठोली के बिना अधूरा है। पेश हैं कुछ गुदगुदाने वाली हास्य कविताएं।
बैगन जी की होली - कृष्ण कुमार यादव
महंगाई की होली (हास्य व्यंग्य) - मनोज खरे
बनेगी होली
2. बच्चों के लिए होली बाल कविता (Holi Poems for Kids)
स्कूल जाने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए प्यारी कविताएं।
देखो-देखो होली है आई - श्रीमती ममता असाटी
मुट्ठी में है लाल गुलाल – प्रभुदयाल श्रीवास्तव
पिचकारी रे पिचकारी – सुमित शर्मा
अम्मा बोली - होली कोट्स
रंग रंगीली आई होली – सीमा सचदेव (प्रेरक)
रंग फुहारों से (बाल कविता)
3. होली की सर्वश्रेष्ठ कविताएं (Best Hindi Poems)
रंगों का त्यौहार है होली - गुलशन मदान
सांझ से ही आ बैठी – प्रवीण पंडित
फागुन बनकर – शोभा महेन्द्रू
काव्य की पिचकारी – आचार्य संजीव सलिल
नाना नव रंगों को फिर ले आयी होली – महेन्द्र भटनागर
मतवाली टोली – अजय यादव
होली पर कविता (Holi Poem 6)
का संग खेलूं मैं होरी – मोहिन्दर कुमार (बिरह रस)
4. पौराणिक और पारंपरिक होली (Ram-Sita)
होली केवल साधारण मनुष्यों का नहीं, देवताओं का भी प्रिय पर्व है।
होली खेले सिया की सखियां – स्व. शांति देवी वर्मा
होली खेले चारों भाई – स्व. शांति देवी वर्मा
6. होली स्टेटस और शुभकामना संदेश (Short Poems)
रंग दे रंगवाले
मेरे रंग तुम्हारा चेहरा
Holi Poem 23
7. होली का महत्व और कहानी
होली के त्यौहार को मनाने के लिए अनेकों विधियां हैं। होली का त्यौहार केवल रंगों से ही नहीं मनाया जाता उसे अपने तरीके से किसी भी तरह मनाया जा सकता है जैसे कि होली की कविताएं, होली पर निबंध, होली के भाषण, होली पर शायरी आदि।
होली का त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार है। इसके पीछे भक्त प्रहलाद और हिरण्यकश्यप की कहानी है। हिरण्यकश्यप अपनी बहन होलिका (जिसे अग्नि में न जलने का वरदान था) के साथ प्रहलाद को जलाने बैठा, लेकिन विष्णु जी की कृपा से होलिका जल गई और प्रहलाद बच गए।
हरी हरी जप ले तेरा क्या जाता है, राजा तो कोई भी बन जाता है। हरि भक्त केवल वही कहलाता है जो हरी को दिल में बसाता है। होली का त्यौहार खुशियों का त्योहार है, इसे व्यर्थ ना जाने देना।
5. सामाजिक संदेश और देशभक्ति (Social Message)
अबकी बार होली में (वीर रस) – आचार्य संजीव सलिल
रंगों में तिरंगा
होली की मस्ती कविता – मदन मोहन (सुधार)
इस होली पर कैसे – योगेश समदर्शी (सामाजिक दर्द)
जश्न जारी… – धीरेन्द्र सिंह “काफ़िर”