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झुकी झुकी सी नज़र - Jhuki Jhuki Si Nazar Lyrics & Meaning | Kaifi Azmi (Arth)

भारतीय सिनेमा की कालजयी फिल्म 'अर्थ' (Arth) न केवल अपनी कहानी के लिए, बल्कि अपनी रूहानी ग़ज़लों के लिए भी जानी जाती है। इनमें से सबसे नायाब हीरा है—"झुकी झुकी सी नज़र"

मशहूर शायर कैफ़ी आज़मी (Kaifi Azmi) की कलम से निकली यह रचना और जगजीत सिंह (Jagjit Singh) की मखमली आवाज़, दोनों ने मिलकर इसे अमर बना दिया है। यह ग़ज़ल सिर्फ शब्दों का खेल नहीं, बल्कि उस खामोश मोहब्बत का इज़हार है जो आँखों से शुरू होकर रूह में उतर जाती है।

आज साहित्यशाला पर हम इस ग़ज़ल के बोल (Lyrics) और इसके गहरे अर्थ (Meaning) को समझेंगे।

Jhuki Jhuki Si Nazar Lyrics and Meaning - Kaifi Azmi & Jagjit Singh
कैफ़ी आज़मी की कलम से निकली कालजयी ग़ज़ल।

झुकी झुकी सी नज़र

Lyrics: Kaifi Azmi | Singer: Jagjit Singh

झुकी झुकी सी नज़र बे-क़रार है कि नहीं
दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं

तू अपने दिल की जवाँ धड़कनों को गिन के बता
मिरी तरह तिरा दिल बे-क़रार है कि नहीं

वो पल कि जिस में मोहब्बत जवान होती है
उस एक पल का तुझे इंतिज़ार है कि नहीं

तिरी उमीद पे ठुकरा रहा हूँ दुनिया को
तुझे भी अपने पे ये ए'तिबार है कि नहीं

भावार्थ और विश्लेषण (Meaning & Analysis)

यह ग़ज़ल प्रेम की उस नाजुक अवस्था का वर्णन करती है जहाँ शब्दों की आवश्यकता नहीं होती। 'झुकी हुई नज़र' भारतीय साहित्य में लज्जा (Haya) और मौन स्वीकृति का प्रतीक मानी जाती है।

कवि प्रेमिका से पूछ रहा है—क्या तुम्हारी खामोशी में भी वही 'बे-क़रारी' (Restlessness) है जो मेरे दिल में है? क्या तुम भी उस एक पल का इंतज़ार कर रही हो जब हम एक हो जाएंगे?

कैफ़ी आज़मी की शायरी में अक्सर समाजी सरोकार होते हैं, जैसा कि उनकी नज़्म "आज सोचा तो आँसू भर आए" में दिखता है। लेकिन 'अर्थ' फिल्म के लिए लिखी गई यह ग़ज़ल विशुद्ध रूप से मानवीय भावनाओं और रोमांस को दर्शाती है, ठीक वैसे ही जैसे "तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो" में छिपे हुए दर्द को बयां किया गया है।

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निष्कर्ष

'झुकी झुकी सी नज़र' केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक अहसास है। यदि आप भी शायरी और साहित्य के शौकीन हैं, तो हमारी वेबसाइट के अन्य अनुभागों को ज़रूर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

'झुकी झुकी सी नज़र' ग़ज़ल किस फिल्म की है?

यह ग़ज़ल 1982 में आई मशहूर फिल्म 'अर्थ' (Arth) की है, जिसे महेश भट्ट ने निर्देशित किया था।

इस ग़ज़ल को किसने गाया है?

इसे गज़ल सम्राट जगजीत सिंह (Jagjit Singh) ने अपनी आवाज़ दी है।

'बे-क़रार' शब्द का क्या अर्थ है?

'बे-क़रार' का अर्थ है 'बेचैन' (Restless)। यहाँ यह प्रेमी के दिल की धड़कनों और उत्सुकता को दर्शाता है।

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