इक पल में इक सदी का मज़ा हम से पूछिए
Ek Pal Mein Ek Sadi Ka Maza Lyrics & Meaning
उर्दू शायरी की दुनिया में ख़ुमार बाराबंकवी (Khumar Barabankvi) का नाम अदब से लिया जाता है। उनकी सबसे मशहूर Ghazal Lyrics, "इक पल में इक सदी का मज़ा हम से पूछिए", सिर्फ़ शब्द नहीं बल्कि ज़िंदगी और वक़्त का एक गहरा फ़लसफ़ा है।
अगर आप "Ek Pal Me Ek Sadi Ka Maza Shayari" या इसके Lyrics तलाश रहे हैं, तो आप सही जगह पर हैं। आज हम इस ग़ज़ल के हर शेर का अर्थ (Meaning) और इसकी गहराई को समझेंगे।
📜 Ek Pal Mein Ek Sadi Ka Maza Lyrics (Hindi)
इक पल में इक सदी का मज़ा हम से पूछिए
दो दिन की ज़िंदगी का मज़ा हम से पूछिए
भूले हैं रफ़्ता रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम
क़िस्तों में ख़ुद-कुशी का मज़ा हम से पूछिए
आग़ाज़-ए-आशिक़ी का मज़ा आप जानिए
अंजाम-ए-आशिक़ी का मज़ा हम से पूछिए
जलते दियों में जलते घरों जैसी ज़ौ कहाँ
सरकार रौशनी का मज़ा हम से पूछिए
वो जान ही गए कि हमें उन से प्यार है
आँखों की मुख़बिरी का मज़ा हम से पूछिए
हँसने का शौक़ हम को भी था आप की तरह
हँसिए मगर हँसी का मज़ा हम से पूछिए
हम तौबा कर के मर गए बे-मौत ऐ 'ख़ुमार'
तौहीन-ए-मय-कशी का मज़ा हम से पूछिए
💫 भावार्थ (Theme & Core Meaning)
इस ग़ज़ल का Central Theme है—अनुभव की प्रामाणिकता (Authenticity of Experience)। शायर बार-बार "हम से पूछिए" कहकर यह ज़ोर देता है कि इश्क़ और दर्द की गहराइयों को किताबों में नहीं, बल्कि उसे जीने वाले के दिल में पढ़ा जा सकता है।
“इक पल में इक सदी का मज़ा” — यह पंक्ति Time Dilation (समय विस्तार) का बेहतरीन उदाहरण है। जब आप महबूब की याद में होते हैं, तो एक पल एक पूरी सदी जितना भारी और गहरा हो सकता है।
🔍 Ghazal Meaning & Analysis (शेर-दर-शेर व्याख्या)
1️⃣ पहला शेर (Matla)
"इक पल में इक सदी का मज़ा हम से पूछिए... दो दिन की ज़िंदगी का मज़ा हम से पूछिए"
Meaning: इश्क़ में बिताया हुआ एक लम्हा इतना तीव्र (intense) होता है कि वह सौ साल जीने के बराबर का अनुभव दे जाता है। जिसे दुनिया "दो दिन की" (क्षणभंगुर) ज़िंदगी कहती है, उसका असली मज़ा हमने चखा है। जैसा निदा फ़ाज़ली कहते हैं, "सफ़र में धूप तो होगी", वैसे ही यहाँ ज़िंदगी की हर धूप-छाँव का मज़ा है।
2️⃣ दूसरा शेर (Most Famous Shayari)
"भूले हैं रफ़्ता रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम... क़िस्तों में ख़ुद-कुशी का मज़ा हम से पूछिए"
Meaning: "क़िस्तों में ख़ुद-कुशी" (Suicide in installments) — यह एक दिल दहला देने वाली उपमा (Metaphor) है। महबूब को धीरे-धीरे (रफ़्ता-रफ़्ता) भूलना रोज़ थोड़ा-थोड़ा मरने जैसा है। यह दर्द की वह Top Level है जिसे जौन एलिया की शायरी में भी महसूस किया जा सकता है।
3️⃣ तीसरा शेर
"आग़ाज़-ए-आशिक़ी का मज़ा आप जानिए..."
इश्क़ की शुरुआत (आग़ाज़) तो हर कोई जानता है—वो हंसी, वो गुलाबी सपने। लेकिन इश्क़ का अंत (अंजाम)—तन्हाई, दर्द और बर्बादी—उसका असली मज़ा हम जैसे अनुभवी आशिक़ ही बता सकते हैं।
4️⃣ चौथा शेर (प्रतीकात्मक)
"जलते दियों में जलते घरों जैसी ज़ौ कहाँ..."
ज़ौ (Zau) का मतलब है चमक या लौ। शायर कहता है कि दीये की रौशनी और घर जलने से पैदा हुई रौशनी में फ़र्क़ है। हमने इश्क़ में अपना घर, अपना सब कुछ जला दिया है, इसलिए 'असली रौशनी' (बर्बादी की चमक) का मज़ा हमें मालूम है।
7️⃣ सातवाँ शेर (Maqta)
"हम तौबा कर के मर गए बे-मौत ऐ 'ख़ुमार'..."
शराब से तौबा करना ही मेरी मौत बन गया। मैंने शराब छोड़कर मय-कशी (Drinking) की तौहीन (Insult) की, और उसकी सज़ा यह मिली कि जीते जी मर गया।
💭 निष्कर्ष (Conclusion)
“इक पल में इक सदी का मज़ा हम से पूछिए” सिर्फ़ एक शेर नहीं, बल्कि एक रूहानी अनुभव है। यह ग़ज़ल हर उस दिल की आवाज़ है जिसने इश्क़ किया है, खोया है, और फिर भी जिया है।
❓ FAQ: Khumar Barabankvi Ghazal
Q1: "Ek Pal Me Ek Sadi Ka Maza" lyrics का मतलब क्या है?
A: इसका मतलब है कि इश्क़ में अनुभव किए गए एक पल की गहराई इतनी अधिक होती है कि वह 100 साल (एक सदी) जीने के बराबर का एहसास दे जाती है। यह "Time Dilation" का काव्यात्मक रूप है।
Q2: "Qiston mein khudkushi" (किश्तों में खुदकुशी) का क्या अर्थ है?
A: इसका अर्थ है किसी को धीरे-धीरे भूलने की दर्दनाक प्रक्रिया। यह एक ऐसी मानसिक पीड़ा है जहाँ इंसान एक बार में नहीं, बल्कि रोज़ थोड़ा-थोड़ा मरता है।