सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

New !!

“तुम्हारे बग़ैर” पाश की प्रेम कविता | Meaning, Analysis & Lyrics

“तुम्हारे बग़ैर” पाश की प्रेम कविता | Meaning, Analysis & Lyrics

पाश की कविता "तुम्हारे बग़ैर": एक विद्रोही का शून्य और अस्तित्ववादी प्रेम का घोषणापत्र

जब एक क्रांतिकारी हथियार उठाता है, तो दुनिया उसे लोहे और बारूद का बना हुआ मान लेती है। "हम लड़ेंगे साथी" में वर्ग-संघर्ष की हुंकार भरने वाले पाश और सत्ता के छद्म राष्ट्रवाद पर थूकने वाले पाश के भीतर एक ऐसा एकांत भी था, जो सिर्फ़ अपनी प्रेमिका ('किंदर') के लिए धड़कता था। कविता "तुम्हारे बग़ैर" उसी एकांत का दार्शनिक दस्तावेज़ है।

साहित्यशाला की इस पाश-शृंखला (Pash Series) की यह छठी कड़ी हमें उस मनोवैज्ञानिक सत्य से मिलाती है जहाँ लेनिन, आइंस्टाइन और बुद्ध जैसे महामानव भी एक प्रेमी के खालीपन को नहीं भर सकते। "मैं अब विदा लेता हूँ" में पाश ने अपनी प्रेमिका को युद्ध के लिए छोड़ दिया था, लेकिन इस कविता में वे स्वीकार करते हैं कि उस प्रेमिका के बिना उनका वजूद महज़ एक 'तूफ़ान' है, जिसकी कोई दिशा नहीं। यह कविता साबित करती है कि दुनिया का सबसे बड़ा विद्रोही भी प्रेम के बिना शून्य (Zero) होता है।

Young portrait of revolutionary poet Avtar Singh Sandhu Pash in black and white

इन्हीं आँखों में लेनिन के सपने भी थे, और 'किंदर' के छूट जाने का अंतहीन खालीपन भी...

कविता का मूल पाठ: तुम्हारे बग़ैर

▶ पूर्ण देवनागरी कविता (यहाँ क्लिक करें)
तुम्हारे बग़ैर मैं बहुत खचाखच रहता हूँ यह दुनिया सारी धक्कमपेल सहित बे-घर पाश की दहलीज़ें लाँघकर आती-जाती है तुम्हारे बग़ैर मैं पूरे का पूरा तूफ़ान होता हूँ ज्वारभाटा और भूकंप होता हूँ तुम्हारे बग़ैर मुझे रोज़ मिलने आते हैं आइंस्टाइन और लेनिन मेरे साथ बहुत बातें करते हैं जिनमें तुम्हारा बिल्कुल ही ज़िक्र नहीं होता मसलन : समय एक ऐसा परिंदा है जो गाँव और तहसील के बीच उड़ता रहता है और कभी नहीं थकता सितारे जुल्फ़ों में गूँथे जाते या जुल्फ़ें सितारों में—एक ही बात है मसलन : आदमी का एक और नाम मेन्शेविक है और आदमी की असलियत हर साँस में बीच को खोजना है लेकिन हाय-हाय... बीच का रास्ता कहीं नहीं होता वैसे इन सारी बातों से तुम्हारा ज़िक्र ग़ायब रहता है तुम्हारे बग़ैर मेरे पर्स में हमेशा ही हिटलर का चित्र परेड करता है उस चित्र की पृष्ठभूमि में अपने गाँव की पूरे वीराने और बंजर की पटवार होती है जिसमें मेरे द्वारा निक्की के ब्याह में गिरवी रखी ज़मीन के सिवा बची ज़मीन भी सिर्फ़ जर्मनों के लिए ही होती है तुम्हारे बग़ैर, मैं सिद्धार्थ नहीं—बुद्ध होता हूँ और अपना राहुल जिसे कभी जन्म नहीं देना कपिलवस्तु का उत्तराधिकारी नहीं एक भिक्षु होता है तुम्हारे बग़ैर मेरे घर का फ़र्श—सेज नहीं ईंटों का एक समाज होता है तुम्हारे बग़ैर सरपंच और उसके गुर्गे हमारी गुप्त डाक के भेदिए नहीं श्रीमान बी.डी.ओ. के कर्मचारी होते हैं तुम्हारे बग़ैर अवतार सिंह संधू महज़ पाश और पाश के सिवाय कुछ नहीं होता तुम्हारे बग़ैर धरती का गुरुत्व भुगत रही दुनिया की तक़दीर या मेरे जिस्म को खरोंचकर गुज़रते अ-हादसे मेरा भविष्य होते हैं लेकिन किंदर! जलता जीवन माथे लगता है तुम्हारे बग़ैर मैं होता ही नहीं।

स्रोत : पुस्तक: लहू है कि तब भी गाता है (पृष्ठ 40) | अनुवाद: चमनलाल

▶ Hinglish Transliteration (Click to read)
Tumhare bagair main bahut khachakhach rehta hoon Yeh duniya saari dhakkampel sahit Be-ghar Pash ki dehleezein laanghkar aati-jaati hai... Mujhe roz milne aate hain Einstein aur Lenin Mere saath bahut baatein karte hain Jinmein tumhara bilkul hi zikr nahi hota... Tumhare bagair, main Siddhartha nahi—Buddha hota hoon Aur apna Rahul Jise kabhi janm nahi dena Kapilavastu ka uttaradhikari nahi Ek bhikshu hota hai... Tumhare bagair Avtar Singh Sandhu mahaz Pash Aur Pash ke sivay kuch nahi hota... Lekin Kinder! Jalta jeevan maathe lagta hai Tumhare bagair main hota hi nahi.

मनोवैज्ञानिक और अस्तित्ववादी (Existential) विश्लेषण

इस कविता में मनोविज्ञान का एक अत्यंत जटिल सिद्धांत छिपा है—'Dissociation of the Self' (स्वयं का विखंडन)। जब पाश लिखते हैं: "तुम्हारे बग़ैर अवतार सिंह संधू महज़ पाश, और पाश के सिवाय कुछ नहीं होता", तो वे बता रहे हैं कि 'पाश' उनका विद्रोही छद्म नाम (Pen name) है, जो दुनिया से लड़ता है, लेकिन उनका असली मानवीय अस्तित्व 'अवतार सिंह संधू' है, जिसे सिर्फ 'किंदर' (उनकी प्रेमिका) जानती है। प्रेमिका के बिना, इंसान मर जाता है और केवल 'विद्रोही मशीन' बचती है।

ग्लोबल इतिहास बनाम गाँव का यथार्थ (Macro vs Micro)

पाश की बौद्धिक क्षमता यहाँ चरम पर है। वे लेनिन (क्रांति) और आइंस्टाइन (विज्ञान/समय) को अपने गाँव और तहसील के बीच उड़ने वाले परिंदे के रूप में देखते हैं। मेन्शेविक (रूसी क्रांति का नरमपंथी धड़ा जो बीच का रास्ता खोजता था) का ज़िक्र कर वे बताते हैं कि "हाय-हाय, बीच का रास्ता कहीं नहीं होता।" यह सपनों की कीमत चुकाने का एक कठोर यथार्थ है। उनके पर्स में हिटलर (तबाही का प्रतीक) है, जो उनके आर्थिक खोखलेपन (निक्की के ब्याह में गिरवी रखी ज़मीन) का वैश्विक रूपक (Global Metaphor) बन जाता है।

बुद्ध का रूपक: शहादत और वैराग्य

कविता की सबसे मार्मिक पंक्तियों में पाश बुद्ध का उदाहरण देते हैं। वे कहते हैं कि प्रेमिका के बिना वे 'सिद्धार्थ' (गृहस्थ/प्रेमी) नहीं, सीधे 'बुद्ध' (वैरागी) हो जाते हैं। और उनका होने वाला बेटा (राहुल) किसी राज्य का वारिस नहीं, बल्कि जन्म लेने से पहले ही भिक्षु बन जाता है। यह रामधारी सिंह दिनकर की 'परशुराम की प्रतीक्षा' के वीतराग से बिलकुल अलग, एक खौफनाक और ज़बरदस्ती थोपा गया वैराग्य है, जो समाज के शोषक तंत्र ने उन्हें दिया है।

Pash addressing the masses through a vintage microphone

मंच से तूफ़ान लाने वाली यह आवाज़, अकेले में अपनी 'किंदर' को पुकारती थी...

निष्कर्ष: क्या आप भी किसी के बिना "होते ही नहीं" हैं?

कविता का अंत — "लेकिन किंदर! जलता जीवन माथे लगता है... तुम्हारे बग़ैर मैं होता ही नहीं।" — यह साबित करता है कि कोई भी महान योद्धा (Sportsman spirit) या विचारक तब तक संपूर्ण नहीं है, जब तक उसे इंसान से इंसान का स्पर्श न मिले। पाश की यह कविता विष्णु विराट की सिसकियों या दुष्यंत कुमार की ग़ज़लों के समानांतर एक ऐसा दर्द बुनती है, जो ग्लोबल होने के साथ-साथ निहायत ही पर्सनल है।

हिंदी कविता के ऐसे ही मनोवैज्ञानिक और अछूते पहलुओं को गहराई से समझने के लिए Sahityashala.in और हमारे English Poems तथा Maithili Poems प्रभागों के साथ अपनी साहित्यिक यात्रा जारी रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. "तुम्हारे बग़ैर मैं होता ही नहीं" कविता पाश ने किसके लिए लिखी थी?

यह कविता पाश ने अपनी प्रेमिका 'किंदर' को संबोधित करते हुए लिखी थी। इसमें वे बताते हैं कि उनके क्रांतिकारी और विद्रोही जीवन में जो खालीपन है, वह केवल उनकी प्रेमिका के होने से ही भरता है।

2. कविता में 'अवतार सिंह संधू' और 'पाश' के बीच क्या अंतर बताया गया है?

'अवतार सिंह संधू' कवि का वास्तविक नाम है, जो एक संवेदनशील इंसान और प्रेमी है। जबकि 'पाश' उनका विद्रोही छद्म नाम है। कवि कहता है कि प्रेमिका के बिना इंसान (अवतार सिंह) मर जाता है, और केवल एक संघर्षरत मशीन (पाश) बचती है।

3. कविता में 'मेन्शेविक' शब्द का क्या तात्पर्य है?

मेन्शेविक रूसी क्रांति का वह धड़ा था जो बीच का रास्ता खोजने (समझौतावादी) पर यकीन रखता था। पाश व्यंग्य करते हुए कहते हैं कि इंसान भी हर साँस में बीच का रास्ता खोजता है, लेकिन असलियत में "बीच का रास्ता कहीं नहीं होता।"

पाश को सुनें और समझें (Video Analysis)

Explore the romantic and revolutionary side of Pash on YouTube

📢 Sirf Padhein Nahi, Likhein Bhi!
Article, Kahani, Vichar, ya Kavita — Hindi, English ya Maithili mein. Apne shabdon ko Sahityashala par pehchan dein.

Submit Your Content →

Famous Poems

Charkha Lyrics in English: Original, Hinglish, Hindi & Meaning Explained

Charkha Lyrics in English: Original, Hinglish, Hindi & Meaning Explained Discover the Soulful Charkha Lyrics in English If you've been searching for Charkha lyrics in English that capture the depth of Punjabi folk emotion, look no further. In this blog, we take you on a journey through the original lyrics, their Hinglish transliteration, Hindi translation, and poetic English translation. We also dive into the symbolism and meaning behind this heart-touching song. Whether you're a lover of Punjabi folk, a poetry enthusiast, or simply curious about the emotions behind the spinning wheel, this complete guide to the "Charkha" song will deepen your understanding. Original Punjabi Lyrics of Charkha Ve mahiya tere vekhan nu, Chuk charkha gali de vich panwa, Ve loka paane main kat di, Tang teriya yaad de panwa. Charkhe di oo kar de ole, Yaad teri da tumba bole. Ve nimma nimma geet ched ke, Tang kath di hullare panwa. Vasan ni de rahe saure peke, Mainu tere pain pulekhe. ...

Mahabharata Poem in Hindi: कृष्ण-अर्जुन संवाद (Amit Sharma) | Lyrics & Video

Last Updated: November 2025 Table of Contents: 1. Introduction 2. Full Lyrics (Krishna-Arjun Samvad) 3. Watch Video Performance 4. Literary Analysis (Sahitya Vishleshan) महाभारत पर रोंगटे खड़े कर देने वाली कविता Mahabharata Poem On Arjuna by Amit Sharma Visual representation of the epic dialogue between Krishna and Arjuna. This is one of the most requested Inspirational Hindi Poems based on the epic conversation between Lord Krishna and Arjuna. Explore our Best Hindi Poetry Collection for more Veer Ras Kavitayein. तलवार, धनुष और पैदल सैनिक कुरुक्षेत्र में खड़े हुए, रक्त पिपासु महारथी इक दूजे सम्मुख अड़े हुए | कई लाख सेना के सम्मुख पांडव पाँच बिचारे थे, एक तरफ थे योद्धा सब, एक तरफ समय के मारे थे | महा-समर की प्रतिक्षा में सारे ताक रहे थे जी, और पार्थ के रथ को केशव स्वयं हाँक रहे थे जी || रणभूमि के सभी नजारे देखन में कुछ खास लगे, माधव ने अर्जुन को देखा, अर्जुन उन्हें उदास लगे | ...

Do Naavon Par Pair Pasare Aise Kaise Lyrics & Meaning - दो नावों पर पाँव पसारे ऐसे कैसे | Asad Akbarabadi

Do Naavon Par Pair Pasare Aise Kaise: The Viral Heartbreak Anthem By Asad Akbarabadi | Unlocking the Meaning of Emotional Duality ⚠️ The Truth Behind the Idiom Have you ever felt the crushing weight of being "just an option"? The phrase "Do Naavon Par Pair Pasare" is more than just a muhavara (idiom); it is a psychological indictment of modern love. It describes the exhausting, impossible act of balancing two conflicting lives, leaving the heart torn at the seams . हिंदी मूल (Full Lyrics) दो नावों पर पाँव पसारे ऐसे कैसे वो भी प्यारा हम भी प्यारे ऐसे कैसे सूरज बोला बिन मेरे दुनिया अंधी है हँस कर बोले चाँद सितारे ऐसे कैसे तेरे हिस्से की ख़ुशियों से बैर नहीं पर मेरे हक़ में सिर्फ ख़सारे ऐसे कैसे गालों पर बोसा दे कर जब चली गई वो कहते रह गए होंठ बिचारे ऐसे कैसे — असद अकबराबादी (Asad Akbarabadi) ...

Saadgi To Hamari Zara Dekhiye Lyrics – Nusrat Fateh Ali Khan (Meaning & Translation)

Home › Nusrat Fateh Ali Khan › Saadgi To Hamari Lyrics Saadgi To Hamari Zara Dekhiye Lyrics – Nusrat Fateh Ali Khan (Meaning & Translation) Jump to Section: 📜 Hindi Lyrics 🔤 English Translation 💡 Deep Meaning Famous Line: "Log darte hai katil ki parchai se..." Meaning: "People fear the shadow of a killer, but I have fallen in love with the killer (beloved) herself." Sahityashala welcomes you to the soulful world of Qawwali. Today we explore the masterpiece sung by Ustad Nusrat Fateh Ali Khan — "Saadgi To Hamari Zara Dekhiye" . Written by the legendary poet Qateel Shifai , this Ghazal is a tale of innocent love and brutal betrayal. Below are the complete lyrics in Hindi and English with meaning. Saadgi To Hamari Lyrics in Hindi (हिंदी लिरिक्स) सादगी तो हमारी जरा देखिये, एतबार आपके वादे पे कर लिया | मस्ती में ...

Kahani Karn Ki Lyrics (Sampurna) – Abhi Munde (Psycho Shayar) | Karna Poem

Kahani Karn Ki Lyrics (Sampurna) – Abhi Munde (Psycho Shayar) "Kahani Karn Ki" (popularly known as Sampurna ) is a viral spoken word performance that reimagines the Mahabharata from the perspective of the tragic hero, Suryaputra Karna . Written by Abhi Munde (Psycho Shayar), this poem questions the definitions of Dharma and righteousness. ज़रूर पढ़ें: इसी महाभारत युद्ध से पहले, भगवान कृष्ण ने दुर्योधन को समझाया था। पढ़ें रामधारी सिंह दिनकर की वो ओजस्वी कविता: ➤ कृष्ण की चेतावनी: रश्मिरथी सर्ग 3 (Lyrics & Meaning) Quick Links: Lyrics • Meaning • Poet Bio • Watch Video • FAQ Abhi Munde (Psycho Shayar) performing the viral poem "Sampurna" कहानी कर्ण की (Sampurna) - Full Lyrics पांडवों को तुम रखो, मैं कौरवों ...